हम कैसे लिखते हैं
- दो स्रोत का नियम — हर तथ्य, संख्या, कीमत और तारीख़ कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से जांची जाती है। किसी गाड़ी की कीमत या स्पेसिफ़िकेशन के लिए पहला स्रोत हमेशा कंपनी की आधिकारिक घोषणा होती है।
- कुछ भी गढ़ा नहीं जाता — कोई संख्या, ऑफ़र या बयान अगर जांचा नहीं जा सका, तो वह लेख में नहीं जाता।
- शीर्षक ईमानदार होते हैं — शीर्षक में किया वादा लेख के पहले दो-तीन पैराग्राफ़ में पूरा किया जाता है। क्लिक के लिए बढ़ा-चढ़ाकर लिखना हमारी नीति के ख़िलाफ़ है।
- आसान भाषा — हम वैसी हिंदी लिखते हैं जैसी आम आदमी बोलता और समझता है। कठिन तकनीकी शब्द ज़रूरत पड़ने पर ही आते हैं, और साथ में समझाए जाते हैं।
तस्वीरों के बारे में
हम लेखों में सिर्फ़ वे तस्वीरें इस्तेमाल करते हैं जिनके दोबारा इस्तेमाल की अनुमति हो (जैसे Wikimedia Commons से ली गई CC लाइसेंस वाली तस्वीरें)। जहां तस्वीर प्रतीकात्मक होती है — यानी वह उस ख़ास नए मॉडल की नहीं है — वहां कैप्शन में साफ़ लिखा जाता है: “(प्रतीकात्मक तस्वीर)"।
AI की भूमिका
हमारी टीम शोध और मसौदा तैयार करने में तकनीक की मदद ले सकती है, लेकिन हर लेख प्रकाशित होने से पहले इंसानी जांच से गुज़रता है — तथ्य, भाषा और शीर्षक की ईमानदारी की जांच हमारी संपादकीय टीम की ज़िम्मेदारी है।
सुधार
गलती पकड़ में आने पर हम लेख चुपचाप नहीं बदलते; सुधार करके लेख को ताज़ा तारीख़ के साथ फिर से प्रकाशित करते हैं। गलती की सूचना संपर्क पेज से दी जा सकती है।